सुखबीर का एक और मास्टर स्ट्रोक; सामान्य सीट से उतारा प्रतिष्ठ एवं जनाधार वाले वाल्मीकि नेता को
चंडीगढ़, 8 अगस्त 2021: अपनी माइक्रो मैनज्मेंट के लिए जाने जाते शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने एक बड़ा दांव खेलते हुए जालंधर केंद्रीय की सामान्य सीट से तगड़े वाल्मीकि नेता चंदन ग्रेवाल को उतारा है ।
सुख्बीर बादल ने आज पंजाब की 12 सीटों पर उमीदवारों का एलान किया है । ज्ञात रहे की ग्रेवाल ना केवल पंजाब भर सफ़ाई कर्मियों के एक बड़े नेता हैं बल्कि एक हिंदू के तौर पर भी उनका काफ़ी रसूख़ माना जाता है । इस मास्टर स्ट्रोक से सुख्बीर ने ना केवल हिंदू वर्ग में अपना आधार मज़बूत किया है बल्कि पंजाब के सबसे बड़े अनुसूचित जाति वोट बैंक में भी सेंध लगाने की त्यारी कस ली । वाल्मीकि / मज़हबी सिख शुरू से कांग्रेस का मज़बूत वोट बैंक माना जाता है ।

लेकिन यह भी सच है की इस समुदाय के क़द्दावर नेता जिन्होंने पूरे विश्व में अपना नाम किया है चाहे वो पूर्व केंद्रीय ग्रह मंत्री बूटा सिंह हो या पूर्व केंद्रीय मंत्री धन्नआ सिंह गुलशन हो या फिर लोक सभा के पूर्व स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल हो सबके सब अकाली दल से निकले हैं । यही नहीं अकाली दल ने हमेशा राज्य के मंत्री मंडल में भी इस समुदाय को काफ़ी मान-सम्मान दिया है । लेकिन इस के उलट कांग्रेस के मौजूदा मंत्री मंडल में समुदाय के किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया जिस के कारण समुदाय में काफ़ी रोष है ।
सूत्रों के अनुसार इसी के चलते सुख्बीर ने चाल खेली है जिस से कांग्रेस को पूरे पंजाब में काफ़ी नुक़सान होगा । बहरहाल ग्रेवाल को मिलीटिकट ने राज्य में राजनीति गरमा दी है और आने वाले दिनो में इसकी आहत सुनाई देगी । स्मरणीय है कि ग्रेवाल वाल्मीकि समुदाय के बड़े नेता हैं और उनकी समाज में काफ़ी प्रतिष्ठा है ।
सुख्बीर पहले ही एलान कर चुके है की सत्ता में आने पर राज्य में किसी दलित को उप मुख्य मंत्री बनाएँगे । और अब ग्रेवाल जैसे प्रतिष्ठ नेता को सामान्य सीट से टिकट देकर उन्होंने कांग्रेस के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है ।
