मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से हिंदुजा ग्रुप ने पंजाब में निवेश में गहरी रुचि दिखाई, युवाओं के लिए पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर
– पंजाब पसंदीदा वैश्विक निवेश स्थल के रूप में उभर रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– ईवी से लेकर डिजिटल सेवाओं तक, पंजाब में निवेश की असीम संभावनाएं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– मार्च 2022 से अब तक पंजाब को 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– पंजाब के औद्योगिक विकास की कहानी पेश करेगा प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
(Rajinder Kumar) मुंबई, 3 फरवरी 2026: पंजाब को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश में और तेजी आई है, क्योंकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज विश्व प्रसिद्ध कंपनी हिंदुजा ग्रुप के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद कंपनी ने राज्य में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। पंजाब को एक स्थिर, भविष्य के लिए तैयार और व्यवसाय-अनुकूल स्थान के रूप में पेश करते हुए, मुख्यमंत्री ने राज्य के विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र, नीतिगत सुधारों और निवेशकों के बढ़ते विश्वास को उजागर किया, जिसके कारण मार्च 2022 से अब तक 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इलेक्ट्रिक गतिशीलता से लेकर डिजिटल सेवाओं तक के क्षेत्रों के विस्तार का स्पष्ट रोडमैप तैयार करने में मदद मिली है।
बैठक के दौरान, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘निवेश के दृष्टिकोण से पंजाब देश का सबसे पसंदीदा राज्य है क्योंकि यहां बुनियादी ढांचे की बेहतर सुविधाएं, अतिरिक्त बिजली, कुशल मानव संसाधन, शानदार सड़क, रेल और हवाई संपर्क, बेहतर दूरसंचार नेटवर्क और व्यवसाय करने में आसानी की सुविधाएं उपलब्ध हैं।’
राज्य में उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी देते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहन, वित्तीय और डिजिटल सेवाएं, डिजिटल तबदीली और साइबर सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और स्थिरता, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक प्रभाव, औद्योगिक और रियल एस्टेट सहयोग, रणनीतिक प्राप्तियां और निवेश जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए अथाह संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘पंजाब के पास लचीलापन, उद्यमी मानसिकता और समृद्ध विरासत है और हिंदुजा ग्रुप इसका लाभ उठा सकता है।’ उन्होंने कहा कि पंजाब को भारत का अन्नदाता होने का सौभाग्य प्राप्त है और देश के अनाज भंडार में सबसे बड़ा योगदान देता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां पंजाब ने परंपरागत रूप से देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, वहीं राज्य का औद्योगिक क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा, ‘आज पंजाब एक औद्योगिक पावरहाउस है, जो फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट, हैंड टूल, साइकिल, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी है।’
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के औद्योगिक विकास ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है और दुनिया भर के निवेशक राज्य की क्षमताओं को मान्यता दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मार्च 2022 से अब तक पंजाब को 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 5.3 लाख से अधिक नौकरियां पैदा करने की संभावना है। राज्य औद्योगिक विकास और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।’
विश्वस्तरीय निगमों द्वारा व्यक्त किए गए विश्वास को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में नेस्ले, क्लास, फ्रूडेनबर्ग, कारगिल, वर्बियो और डैनोन जैसी कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हैं जिन्होंने राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित की हैं और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पंजाब में व्यवसायों के विकास के लिए राज्य द्वारा प्रदान किए गए उद्योग-अनुकूल माहौल का लाभ उठा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राज्य की वैश्विक पहुंच जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, स्पेन और अन्य देशों द्वारा राज्य में निवेश की रुचि से स्पष्ट होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की विकास गाथा अभी शुरुआती दौर में है। भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब अब न केवल भारतीय निवेशकों के लिए बल्कि दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा निवेश स्थान बन गया है।” उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में, राज्य सरकार ने जापान और कोरिया गणराज्य में उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां की हैं, जिससे पंजाब की वैश्विक साझेदारी को और मजबूती मिली है। उन्होंने कहा, “इन गतिविधियों ने उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिस्प्ले तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग और खेल विज्ञान में सहयोग के लिए नए रास्ते खोले हैं।”
वैश्विक औद्योगिक नेताओं के साथ बातचीत का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि टोक्यो, ओसाका और सियोल की प्रमुख कंपनियों और संस्थाओं ने पंजाब के शासन मॉडल, राज्य के कुशल कार्यबल और बाद की देखभाल के प्रति इसकी प्रतिबद्धता में पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, “इन वैश्विक नवाचार केंद्रों से प्राप्त शिक्षाएं, चाहे वह जापान की विनिर्माण और अनुसंधान-विकास में उत्कृष्टता हो या कोरिया का पेंगयो टेकनो वैली जैसा गतिशील मॉडल, अब पंजाब के औद्योगिक विकास के अगले चरण में शामिल की जा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राज्य ने एक निवेशक-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है जो व्यवसाय करने की आसानी को प्रोत्साहित करता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब ने व्यवसाय करने की आसानी में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा प्राप्त किया है और फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल लॉन्च किया है, जिसे भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम बताया गया है। उन्होंने कहा, “पोर्टल 200 से अधिक सरकारी-से-व्यवसाय अनुमतियों और सेवाओं के साथ सिंगल एंट्री और एग्जिट की पेशकश करता है, जीरो ऑफलाइन आवेदन और तेज-ट्रैक अनुमतियों को सुनिश्चित करता है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट के माध्यम से, राज्य द्वारा 125 करोड़ रुपये तक की योग्य इकाइयों के लिए केवल पांच दिनों के अंदर सैद्धांतिक अनुमति दी जाती है। उन्होंने कहा, “पंजाब पहला राज्य है, जिसने 45 दिनों के अंदर समयबद्ध अनुमतियां, डीम्ड अप्रूवल्स, एस्केलेशन प्रक्रियाएं और मुख्य लाइसेंसों के लिए बढ़ाई गई वैधता जैसे बड़े नियामक सुधार पेश किए हैं।”
निवेशक सुविधा पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि व्हाट्सएप अलर्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट और कॉल सेंटर जैसी सहायता व्यवस्थाएँ वास्तविक समय में जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने कहा, “डिजिटल चीफ रिस्क ऑफिसर रिपोर्ट्स, फायर नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट की बढ़ाई गई वैधता और लीजहोल्ड-टू-फ्रीहोल्ड परिवर्तनों के साथ कामों को और सरल बनाया जा रहा है।”
सहयोग की महत्ता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी सफलता का आधार है। उन्होंने कहा, “उद्योगिक विकास तभी हासिल किया जा सकता है जब सरकार और उद्योग बराबर के साझेदार के रूप में काम करें।” उन्होंने कहा कि यह सिद्धांत 2022 में पेश की गई पंजाब की नई औद्योगिक नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “नीति को उद्योग के नेताओं और साझेदारों से सलाह-मशवरा करके तैयार किया गया था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह उनकी जरूरतों और इच्छाओं को पूरा करे।”
मुख्यमंत्री ने उद्योग के नेताओं को बताया कि राज्य ने सेक्टर-विशेष नीतियाँ तैयार करने के लिए 24 सेक्टोरल कमेटियों का गठन किया है, जिनमें से प्रत्येक की अध्यक्षता उद्योग के प्रमुख नेता करते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार उद्योगों और व्यवसायों के साथ समानता, पारदर्शिता और आपसी सहयोग की साझेदारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
13 से 15 मार्च तक मोहाली, पंजाब के आईटी सिटी, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में होने वाले ’’प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन-2026’’ के लिए उद्योग के नेताओं को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन उद्योग के नेताओं, नीति निर्माताओं और नवीनताकारों को एक मंच पर लाएगा। उन्होंने कहा, “यह विचार साझा करने और पंजाब के भविष्य के औद्योगिक सपनों को आकार देने के लिए सहयोग करने के लिये एक प्लेटफार्म के तौर पर काम करेगा।
– मुख्यमंत्री भगवंत सिंह की अगुवाई में पंजाब के प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख कॉर्पाेरेट और उद्योग समूहों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब सरकार के निवेश आकर्षण प्रयासों के तहत दो दिवसीय मुंबई निवेश रोड शो का शुभारंभ किया। यह रोड शो 13-15 मार्च 2026 तक मोहाली में होने वाले ’’प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’’ से पहले एक प्रमुख प्री-सम्मिट पहल के रूप में आयोजित किया गया था।
मुंबई रोड शो का उद्देश्य प्रमुख उद्योगपतियों को औपचारिक रूप से सम्मेलन के लिए आमंत्रित करना और कॉर्पाेरेट्स, वित्तीय संस्थानों तथा सेक्टर के नेताओं के साथ निवेश संबंधों को मजबूत करना था, साथ ही पंजाब के सुधार-उन्मुख, निवेशक-अनुकूल शासन ढांचे को प्रदर्शित करना था।
रोड शो के पहले दिन, पंजाब के प्रतिनिधिमंडल ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, मोतीलाल ओसवाल ग्रुप, कारगिल इंडिया, हिंदुजा ग्रुप, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड, एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड, वारी ग्रुप, पार्क्सन पैकेजिंग और विस्लिंग वुड्स इंटरनेशनल सहित प्रमुख कॉर्पाेरेट समूहों के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय एक-से-एक बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की।
चर्चा के दौरान पंजाब में फास्टट्रैक सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली, समयबद्ध मंजूरियाँ, कारोबार करने का सरल ढांचा, नीति स्थिरता, कुशल मानव शक्ति और मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना को उजागर किया गया।
इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री की मेजबानी हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन अशोक पी. हिंदुजा ने की। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने “कॉइन्स ऑफ कुनिंदस (पंजाब क्षेत्र)” शीर्षक वाली एक पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया, जो पंजाब की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ इसके प्रगतिशील आर्थिक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
पहले दिन का समापन एक पंजाब रोड शो सत्र के साथ हुआ, जिसमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा स्टील, एक्सेंचर, यूपीएल, टायनोर, विस्लिंग वुड्स, ग्रोथकैप वेंचर्स और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई जैसे संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ उद्योग नेताओं की जोरदार भागीदारी देखने को मिली। उद्योग प्रतिनिधियों ने पंजाब की औद्योगिक संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए और राज्य द्वारा प्रदान किए गए निवेशक-अनुकूल शासन वातावरण तथा जवाबदेह संस्थागत सहायता की सराहना की।
उद्योग भागीदारों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में निवेश करने का यह सही समय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य एक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण और सेवाओं के आधार के रूप में उभरने के लिए अच्छी स्थिति में है, जो न केवल घरेलू बाजारों बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आपूर्ति कर सकता है। मुख्यमंत्री ने उद्योगों से पंजाब से कामकाज का स्तर बढ़ाने, मूल्य श्रृंखला को आगे बढ़ाने और नवाचार, उत्पादकता तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए अनुसंधान एवं विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को बड़े उद्यमों की ओर बढ़ने, विनिर्माण और सेवाओं को मजबूत करने तथा निरंतर सुधारों, आधारभूत ढांचे के विकास और सक्रिय निवेशक सुविधा के माध्यम से पंजाब को उत्तरी भारत में पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
