मजीठिया की जमानत पर अमन अरोड़ा ने कहा, कानून, सबूत और सच्चाई सियासी जश्नों से कहीं ज्यादा मजबूत हैं

0

– ‘आप’ सरकार भ्रष्टाचार के मामलों को उनके तार्किक अंत तक पहुंचाएगी, चाहे मुलजिम कितना भी ताकतवर क्यों न हो

(Rajinder Kumar) चंडीगढ़, 3 फरवरी 2026: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मिली जमानत पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि जमानत को दोष-मुक्ति के रूप में गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को यह समझना चाहिए कि यह राहत पूरी तरह प्रक्रियागत है और यह मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को किसी भी तरह कमजोर नहीं करती।

अमन अरोड़ा ने कहा कि जमानत हिरासत की अवधि और प्रक्रियागत औपचारिकताओं के पूरा होने से संबंधित तकनीकी आधारों पर दी गई है, न कि मामले की गुणवत्ता के आधार पर। उन्होंने कहा कि मजीठिया को कोई क्लीन चिट नहीं दी गई है। बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप बरकरार हैं और अब अदालत में इनकी गहराई से जांच की जाएगी।

सियासी चुटकी लेते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि जमानत का जश्न मनाने वाले अपने पुराने गुनाहों को छुपाने के लिए जनता को जानबूझकर गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अकाली-भाजपा का तंत्र एक झूठा बयानिया गढ़ना चाहता है, लेकिन तथ्यों को सियासी शोरगुल के नीचे दबाया नहीं जा सकता। पंजाब के लोग पहले ही देख चुके हैं कि उनके राज में नशा और भ्रष्टाचार कैसे फला-फूला था।

‘आप’ मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विजिलेंस ब्यूरो ने एक मजबूत और व्यापक जांच पूरी की है, जिसमें मजीठिया की आमदनी के ज्ञात स्रोतों से सैकड़ों करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति का पर्दाफाश हुआ है। ठोस दस्तावेजी सबूतों के आधार पर हजारों पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है। अमन अरोड़ा ने दावा किया, “यह कोई कमजोर या अधूरा केस नहीं है।”

उन्होंने आगे रेखांकित किया कि न्यायिक प्रक्रिया को सियासी हेराफेरी और मीडिया सनसनी से सुरक्षित रखा जा रहा है। ट्रायल कोर्ट ने निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाही की मीडिया रिपोर्टिंग पर पहले ही स्पष्ट पाबंदियां लगा दी हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, ‘आप’ सरकार मीडिया ट्रायल में विश्वास नहीं रखती। हम कानून के शासन, सबूतों और न्यायिक फैसलों में विश्वास रखते हैं।

अमन अरोड़ा ने यह भी इशारा किया कि मुकदमे में किसी भी तरह की दखलंदाजी को रोकने के लिए मुलजिमों पर जमानत की सख्त शर्तें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि मजीठिया देश छोड़कर नहीं जा सकता, गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकता और उसे हर सुनवाई पर अदालत में पेश होना पड़ेगा। यह अपने आप में केस की गंभीरता को दर्शाता है।

‘आप’ सरकार के दृढ़ स्टैंड को दोहराते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि हमारी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर उसने पंजाब को लूटा है और उसका भविष्य बर्बाद किया है, तो उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जमानत के आदेशों पर नहीं रुकेगी; यह तब तक जारी रहेगी जब तक इंसाफ नहीं मिल जाता।

उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार को भरोसा है कि अदालत में सच की जीत होगी। अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के लोग इंसाफ चाहते हैं, सियासी ड्रामा नहीं और इंसाफ तथ्यों, सबूतों और कानून के आधार पर दिया जाएगा।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *