चार साहिबज़ादे की शाहदत को राष्ट्रीय स्तर पर दिन मनाने के लिए प्रधानमंत्री जी की सराहना होनी चाहिए : नवजोत सिंह
जालंधर, 27 दिसंबर 2022 : जालंधर लिटरेरी फोरम के संयोजक नवजोत सिंह एडवोकेट ने आज एक वार्ता में कहा कि भारतीय राज्य आधिकारिक तौर पर चार साहिबज़ादे की सराहना करता है और देश के प्रधान मंत्री स्वयं गुरु गोबिंद सिंह के चार पुत्रों को श्रद्धांजलि देते हैं, तो यह कदम नियमित चुनावी राजनीति से आगे निकल जाता है। प्रधान मंत्री के इस कदम की सराहना होनी चाहिए ।
चार साहिबज़ादे का इतिहास जो 1700 के पहले दशक में समाप्त होता है, एक क्रांति के एक बड़े इतिहास का प्रतीक है जिसे स्पष्ट दृष्टि से देखा जाना चाहिए। पहला स्मरणोत्सव 26 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के एक स्टेडियम में केंद्र और राज्य सरकारों की पूर्ण भागीदारी के साथ होता है। केंद्र सरकार द्वारा जारी पीडीऍफ़ बुकलेट में इस इतिहास की क़ुरबानी और बहादुरी को चित्रों के माध्यम से प्रस्तत किया है ।

चार साहिबज़ादों की कुर्बानी पुरे राष्ट्र में याद की गयी है, एयरपोर्ट , पेट्रोल पंप अदि स्थानों पर फ्लेक्सो पर दर्शाना एक अच्छा कदम है और केंद्र सरकर द्वारा इसे राष्ट्र अथवा अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना पंजाबियो के लिए मान की बात है। हम सब पंजाबीओ को इस पर राजनीती से ऊपर उठ कर प्रधानमंत्री, केंद्र सर्कार और राज्य सकारो का सहयोग करना चाइये और इसमें अपना अपना योगदान देना चाइये।
नवजोत सिंह ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से प्रेरणा लेकर जालंधर लिटरेरी फोरम पुस्तक “शाहिदानी वफ़ा” लेखक: जोगी अल्लाह यार खान प्रकाशक: भाषा विभाग, पंजाब पृष्ठ: २३ का वितरण कर रहा है। अल्लाह यार खान जोगी 19वीं सदी के आखिरी हिस्से और 20वीं सदी के पहले हिस्से में रहे। वह सभी अच्छे लोगों का सम्मान करने वाला एक धार्मिक व्यक्ति था। उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार पुत्रों के बारे में दो मर्सिया लिखीं। शहादें-ए-वफा छोटे साहिबजादों की शहादत और गंज-ए-शहीदान बड़े साहिबजादों की शहादत के बारे में बताता है।
जो लोग पुस्तक पढ़ने में रुचि रखते हैं वे अजय टंडन 99140 13133 परमिंदर सिंह विग +91 82641 00002 राकेश कृष्ण शांतिदूत @ 98720 35442 पर संपर्क कर सकते हैं।
