पोस्ट मेट्रिक्स स्कालर्शिप घोटाले में धूमिल हुई अपनी छवि को आँकड़ों के सहारे साफ़ करने का धरमसोत ने किया यत्न

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चंडीगढ़, 4 अगस्त 2021 : पोस्ट मेट्रिक्स स्कालर्शिप घोटाले में कथित शमुलीयत के कारण लगातार कांग्रेसी विधायकों और विरोधी दलों के निशाने पे चल रहे पंजाब के सामाजिक न्याय मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने मामले की सी बी आइ जाँच की लटकती तलवार के मध्य आज अपने कार्यकाल में दलितों की भलाई के किए गए कार्यों का सहारा लेते हुए अपनी धूमिल होती छवि को साफ़ करने का यत्न किया ।

आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने पिछले लगभग चार सालों के समय के दौरान राज्य के 10,069 एस.सी. और बी.सी. नौजवानों को 10,593.28 लाख रुपए के कर्ज़ मुहैया करवाए हैं, जबकि 15,890 एस.सी. और बी.सी. नौजवानों के 52 करोड़ के कर्ज़ माफ किए हैं। उन्होंने बताया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने लगभग 4 सालों के कार्यकाल के दौरान 8662 योग्य और ज़रूरतमंद एस.सी. नौजवानों को 8202.26 लाख के कर्ज़ मुहैया करवाए हैं। इसी तरह 1407 बी.सी. नौजवानों को 2391.02 लाख के कर्ज़ मुहैया करवाए हैं।

धर्मसोत ने बताया कि पंजाब राज्य अनुसूचित जाति भूमि विकास और वित्त निगम और पंजाब राज्य पिछड़ी श्रेणियां भूमि विकास और वित्त निगम का 50-50 तक का कर्ज़ माफ किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब के अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बन्धित कुल 14,260 लाभार्थी नौजवानों का 45.41 करोड़ रुपए का कर्ज़ माफ करके कर्ज़दारों को बड़ी राहत दी है। इसी तरह पंजाब के पिछड़ी श्रेणियों से सम्बन्धित कुल 1630 लाभार्थी नौजवानों का 6.59 करोड़ का कर्ज़ माफ किया है।

सामाजिक न्याय मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने जरूरतमंद और योग्य कर्ज़ लेने के इच्छुक नौजवानों की सुविधा को मुख्य रखते हुए कर्ज़ मामलों के जल्द निपटारे के लिए 1 लाख रुपए तक के कर्ज़ मंज़ूर करने का अधिकार जि़ला स्तर पर एस.सी. और बी.सी. निगमों के जि़ला मैनेजरों को दिए हैं। इसी तरह जि़ला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी में संशोधन करके सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक अधिकारी की अध्यक्षता अधीन नई कमेटी गठित की गई है, जिससे लोगों को जल्द कर्ज़ मुहैया करवाया जा सके।

धर्मसोत ने बताया कि एस.सी. और बी.सी. निगमों का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जातियों और पिछड़ी श्रेणियों से सम्बन्धित बेरोज़गार नौजवानों को कम ब्याज दर पर स्व-रोजग़ार धंधे जैसे डेयरी फार्म, किराना दुकान, कपड़े की दुकान, शटरिंग का काम, लकड़ी का काम, उच्च विद्या के लिए कर्ज़ कम ब्याज दर पर मुहैया करावाना है, जिससे इनके आर्थिक स्तर को ऊपर उठाया जा सके और इनको गरीबी रेखा से बाहर निकाला जा सके।

धर्मसोत ने आगे बताया कि एस.सी. कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2020-2021 के दौरान कोविड के कठिन समय के दौरान भी 2116 लाभार्थियों को 2293.73 लाख की वित्तीय सहायता दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-2022 के दौरान एस.सी. कॉर्पोरेशन द्वारा 1400 कर्ज़दारों को 40 करोड़ के वितरण का लक्ष्य निश्चित किया गया था, इसके अंतर्गत अब तक 634 लाभार्थियों को 760.84 लाख के कर्ज़ बाँटे जा चुके हैं। इसी तरह बी.सी. कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2020-2021 के दौरान 446 लाभार्थियों को 769.64 लाख की वित्तीय सहायता दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-2022 के दौरान बी.सी. कॉर्पोरेशन द्वारा 614 कर्ज़दारों को 934.02 करोड़ के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, इसके अंतर्गत अब तक 47 लाभार्थियों को 82.40 लाख के कर्ज़ मुहैया किए जा चुके हैं।

ज्ञात रहे की धर्मसोत एवं फगवाड़ा से विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल इस समय पोस्ट मेट्रिक्स स्कॉलर्शिप घोटाले में कथित शमूलीयत के कारण सत्ताधारी दल और विरोधियों को निशाने पे हैं । कल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के समक्ष भी कुछ दलित विधायकों ने इस मामले को उठाया था और कहा थी की अगर इसका कोई हल नहीं निकला तो कांग्रेस के लिए मुसीबत हो सकती है । इसी तरह धर्मसोत और धालीवाल पर सी बी आइ जाँच की तलवार भी लटक रही है । चुनावी वर्ष में आँकड़ों का खेल दिखा कर धरमसोत के द्वारा अपनी धूमिल हुई छवि को साफ़ करने का यतन किया गया है ।

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