मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- पंजाब की संस्कृति ‘लाशों पर राजनीति’ की इजाज़त नहीं देती, यह सांप्रदायिक सद्भाव और ‘सरबत के भले’ में विश्वास रखती है
– राहुल गांधी दिल्ली में बैठकर ‘एक्स’ पर राजनीतिक बयान देने के बजाय गांव में आकर ज़मीनी हकीकत देखें: बरिंदर कुमार गोयल
– कांग्रेस 2017 में चार हफ़्ते में नशा खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई थी, फिर उन्होंने 5 साल तक कुछ नहीं किया: बरिंदर कुमार गोयल
– पजाब में नशे की समस्या कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा की देन है, भगवंत मान सरकार इसे खत्म करने के लिए काम कर रही है: बरिंदर कुमार गोयल
– आप सरकार ने पंजाब में अब तक नशे के ख़िलाफ़ सबसे सख़्त कार्रवाई की है, जिसके नतीजे ज़मीनी स्तर पर दिख रहे हैं: बरिंदर कुमार गोयल
(Rajinder Kumar) चंडीगढ़ 9 सितंबर 2026: आम आदमी पार्टी (आप ) पंजाब के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को दिड़बा में हुई हालिया घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की भावनाओं को समझने के बजाय एक दुखद घटना पर राजनीति कर रही हैं।
राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट पर जवाब देते हुए मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, “राहुल गांधी जी, आपने नशे और नशे के खिलाफ कार्रवाई की बात की है, लेकिन मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि अगर पंजाब में किसी सरकार ने नशों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है, तो वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार है। आपकी पार्टी 2017 में चार हफ्तों के अंदर नशे को खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई थी। आपकी सरकार पांच साल थी, आपने उन पांच सालों में क्या किया?”
मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाया है और अब इसके ठोस नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष एक दुखद घटना पर राजनीति क्यों कर रहा है, जबकि उसके पास सरकार के खिलाफ उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, “पहले आप धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करते थे। अब जब वे मुद्दे फेल हो गए, तो आप लाशों पर राजनीति करने लगे हैं। यह पंजाब की संस्कृति नहीं है।”
मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पीड़ित परिवार ने अपनी मर्ज़ी से गुलज़ार सिंह का अंतिम संस्कार करने का फ़ैसला किया था, फिर भी विपक्ष के नेता मौके पर पहुँचे और मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने खुद राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी का विरोध किया और उन्हें जाने के लिए कहा। लोगों ने साफ़ कर दिया कि उन्होंने अपनी कमेटी बना ली है और वे खुद ही मामले को संभाल लेंगे।
मंत्री ने आगे कहा कि पंजाब में नशे की समस्या पिछली कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों की गलती है, जबकि मौजूदा आप सरकार नशा तस्करों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जी, पंजाब आइए। उस गाँव में आइए और खुद हालात देखिए। लोगों से बात कीजिए और समझिए कि वे क्या चाहते हैं और क्या कह रहे हैं। दिल्ली में बैठकर बयान देने से ज़मीनी हकीकत सामने नहीं आती।”
मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आगे कहा, “जब भी पंजाब में कोई छोटी सी घटना होती है, तो सभी विपक्षी पार्टियों के नेता वहां दौड़े चले आते हैं। उनके पास कोई और मुद्दा नहीं बचता। लेकिन पंजाब के लोगों को इस तरह की राजनीति पसंद नहीं है। पंजाब मिलजुलकर रहने, भाईचारा बनाए रखने और सबकी भलाई में विश्वास रखता है।”
बरिंदर कुमार गोयल ने दोहराया कि न तो आप के किसी मंत्री और न ही किसी विधायक का इस घटना से कोई लेना-देना है। उन्होंने विपक्ष से इस “गंदी राजनीति” से दूर रहने की अपील की।
