मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की; कहा— उनकी अद्वितीय शहादत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी
– पंजाब का इतिहास वीरों की बहादुरी और बलिदानों से लिखा गया है : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– पंजाब सरकार देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले जवानों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– शहीद जवान केवल एक परिवार के नहीं, बल्कि पूरे देश की सबसे बड़ी धरोहर हैं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
(Rajinder Kumar) चंडीगढ़, 26 जुलाई,2026: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि जवानों की अद्वितीय वीरता, साहस और अतुलनीय सेवा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने वार मेमोरियल पर पुष्पमाला अर्पित कर कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों और पूर्व सैनिकों से मुलाकात की, दिव्यांग पूर्व सैनिकों को पांच दोपहिया वाहन वितरित किए तथा एनसीसी कैडेटों के साथ-साथ महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, मोहाली के कैडेटों को सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर की एक झलक साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “आज 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मैं हमारे देश की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 527 वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। इनमें पंजाब के 65 वीर सपूत भी शामिल थे, जिनका बलिदान प्रत्येक पंजाबी को गर्व से भर देता है।”
उन्होंने आगे कहा , “शहीद जवान केवल एक परिवार के नहीं होते, वे पूरे देश की सबसे बड़ी धरोहर हैं। आज हम जिस स्वतंत्रता और सुरक्षा का आनंद ले रहे हैं, वह हमारे वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। उनकी शहादत को स्मरण करना और उनकी महान विरासत का सम्मान करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। जय हिंद।”
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों का अद्वितीय बलिदान नई पीढ़ियों को देशभक्ति, समर्पण और निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान 527 जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें पंजाब के 65 से अधिक वीर सपूत शामिल थे। उनकी वीरता और शहादत सदैव प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का इतिहास अनगिनत बलिदानों से लिखा गया है और जो समाज अपने इतिहास का सम्मान करता है, वही निरंतर प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि हमारे शहीद केवल अपने परिवारों के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनकी महान विरासत को संजोना तथा उसका सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि चाहे कारगिल की बर्फीली चोटियां हों या जैसलमेर का तपता रेगिस्तान, हमारे बहादुर सैनिक देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर समय डटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध को याद करना प्रत्येक भारतीय को गर्व से भर देता है, क्योंकि उस कठिन समय में पूरा देश अद्वितीय देशभक्ति की भावना के साथ एकजुट होकर खड़ा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा प्रदर्शित अद्वितीय वीरता, साहस और बलिदान का प्रतीक है। इस युद्ध में हमारे सैनिकों द्वारा दिखाई गई असाधारण बहादुरी पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। देश के प्रति उनके समर्पण का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता।
सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारे वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान के सम्मान स्वरूप पंजाब सरकार ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले प्रत्येक सैनिक के परिवार को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह हमारी सशस्त्र सेनाओं के वीर जवानों और महिला सैनिकों की अमूल्य सेवाओं को सम्मान देने का एक विनम्र प्रयास है।
एनसीसी कैडेटों तथा महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, मोहाली के कैडेटों के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों के माध्यम से देश की सेवा करना सबसे महान कार्यों में से एक है। उन्होंने युवाओं से इस पवित्र दायित्व को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पंजाब सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि ये युवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं तथा देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक मजबूत कर सकते हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत तथा सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने वार मेमोरियल पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वार मेमोरियल पर पुष्पमाला अर्पित किया। इस दौरान जवानों के सम्मान में ‘लास्ट पोस्ट’ की धुन बजाई गई तथा दो मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों और शहीद जवानों के परिजनों से भी मुलाकात कर देश के प्रति उनकी अमूल्य सेवाओं और अटूट समर्पण की सराहना की। इसके उपरांत उन्होंने पीएपी ग्रुप कमांडर डीएसपी दविंदर सिंह सैणी के नेतृत्व में पीएपी बैंड द्वारा प्रस्तुत भव्य गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी भी ली।
