विपक्ष पंजाब के लोगों को गुमराह करने के लिए 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य योजना के बारे में गलत प्रचार कर रहा है: डॉ. बलबीर सिंह

0

– पैनल से बाहर के अस्पतालों के मामलों को योजना की विफलता के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, दावे भ्रामक हैं: डॉ. बलबीर सिंह

– 1.72 लाख मरीजों का 292 करोड़ रुपये का इलाज हुआ, योजना को बदनाम करने की कोशिशें निंदनीय हैं: डॉ. बलबीर सिंह

– विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को अभी तक यह नहीं पता कि केवल एम्पैनल्ड अस्पताल ही योजनाओं के तहत इलाज प्रदान करते हैं: कुलदीप सिंह धालीवाल

– विपक्षी नेता अपना सियासी वजूद बचाने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं और स्वास्थ्य योजना के बारे में जनता को गुमराह कर रहे हैं: कुलदीप सिंह धालीवाल

(Rajinder Kumar) चंडीगढ़, 29 मार्च 2026: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने रविवार को कहा कि विपक्ष 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में लोगों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर मुहिम चला रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष गैर-सूचीबद्ध अस्पतालों की इक्का-दुक्का घटनाओं का इस्तेमाल करके योजना के साबित हो चुके प्रभाव को नजरअंदाज करते हुए इसे असफल दिखाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी ने बताया कि 1.72 लाख से अधिक मरीज पहले ही 292 करोड़ रुपये का इलाज करवा चुके हैं। पार्टी ने दावा किया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की यह कोशिश या तो सरकारी योजनाओं की बुनियादी समझ की कमी को दर्शाती है या फिर लाभार्थियों में भ्रम पैदा करने और एक बड़ी जनकल्याणकारी पहल को कमजोर करने की सोची-समझी साजिश है।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा अमृतसर के एक मरीज की वीडियो साझा किए जाने पर सीधा जवाब दिया। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि वीडियो में दिखाया गया अस्पताल ‘शूर हॉस्पिटल’ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) नहीं है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 600 से अधिक निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं और इलाज का लाभ केवल इन्हीं पंजीकृत संस्थानों में मिलता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के किसी नेता के लिए तथ्यों की जांच किए बिना ऐसी सामग्री साझा करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है, क्योंकि इससे न सिर्फ जनता गुमराह होती है बल्कि लाभार्थियों में बेवजह दहशत भी पैदा होती है।

उन्होंने ऐसी योजनाओं के ढांचे के बारे में और स्पष्ट करते हुए कहा कि अस्पतालों का सूचीबद्ध होना स्वैच्छिक है। डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसी स्कीमों के तहत अस्पतालों की भागीदारी स्वैच्छिक होती है और किसी भी अस्पताल को शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसलिए गैर-सूचीबद्ध अस्पतालों की घटनाओं को योजना की विफलता के रूप में पेश करना तथ्यों के आधार पर गलत और भ्रामक है।
इस पहल के स्तर और प्रभाव पर रोशनी डालते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने पंजाब के लोगों को मिले प्रत्यक्ष लाभों पर जोर दिया। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि 1.72 लाख से अधिक मरीज पहले ही 292 करोड़ रुपये का इलाज करवा चुके हैं, जिसमें दिल की सर्जरी, दिमाग के ऑपरेशन, जोड़ों के बदलने और इमरजेंसी एक्सीडेंट केयर जैसे गंभीर इलाज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े योजना की प्रभावशीलता और पहुंच को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं और इसे बदनाम करने की कोशिशें निंदनीय हैं।

भ्रम फैलाने की कथित कोशिश पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने जवाबदेही की मांग की। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा को गलत जानकारी फैलाने और लोक-कल्याणकारी पहल के बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश करने के लिए पंजाब के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी पलटवार करते हुए सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और राजा वड़िंग सहित विपक्षी नेताओं की प्रशासनिक समझ पर सवाल उठाए। कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बाजवा और बादल जैसे नेता सालों तक उच्च पदों पर रहने के बावजूद सरकारी योजनाओं के बुनियादी कामकाज को समझने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जो लोग उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता रहे हैं, उन्हें अभी तक यह नहीं पता कि ऐसी योजनाओं के तहत केवल सूचीबद्ध अस्पताल ही इलाज प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के बयान या तो उनकी अज्ञानता को उजागर करते हैं या फिर लोगों को गुमराह करने के उनके इरादे को बेनकाब करते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि योजना के अंतर्गत केवल स्वीकृत अस्पतालों को ही अधिकार दिया गया है और गलत जानकारी फैलाने के खिलाफ चेतावनी दी। कुलदीप सिंह धालीवाल ने आगे कहा कि पंजाब में हजारों अस्पताल हैं, लेकिन योजना के तहत केवल सरकार के स्वीकृत पैनल में शामिल अस्पताल ही अधिकृत हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की सही राह दिखाने की बजाय ये नेता उन्हें उलझा रहे हैं और झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि लाखों गरीब परिवारों को लाभ पहुंचाने वाली योजना को कमजोर करने की कोशिश है।

ऐसी टिप्पणियों के पीछे के इरादे पर सवाल उठाते हुए आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी नेता जनहित से ज्यादा अपने सियासी वजूद को तरजीह दे रहे हैं। कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि विपक्षी नेता सिर्फ अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने और चर्चा में बने रहने के लिए बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिप्पणी करने से पहले इन नेताओं को कम से कम सरकारी वेबसाइटों की जांच करनी चाहिए या तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि उनके लापरवाही भरे बयान शर्मिंदगी का कारण बन गए हैं।

उन्होंने नागरिकों से केवल प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करने की अपील भी की। कुलदीप सिंह धालीवाल ने दोहराया कि पंजाब के लोगों को ऐसे प्रचार से गुमराह नहीं होना चाहिए और केवल प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना प्रभावशाली ढंग से काम कर रही है और आम लोगों को बड़ी राहत प्रदान करना जारी रखे हुए है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed