पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री नांदेड़ साहिब में माथा टेका; कहा— पंजाब सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार के समक्ष उठाएगी

0

– हम पहले ही श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर चुके हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

– गुरु साहिबानों का संदेश आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए आप सरकार हर संभव प्रयास करेगी: भगवंत सिंह मान

(Rajinder Kumar) नांदेड़, 24 जनवरी 2026: महाराष्ट्र के नांदेड़ में आज तख़्त सचखंड श्री हज़ूर साहिब में श्रद्धा के साथ माथा टेकते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र नगर सिखों और विशेष रूप से समूची मानवता के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह स्मरण कराते हुए कि पंजाब सरकार पहले ही श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर चुकी है, मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार गुरु साहिबानों के दर्शन के व्यापक प्रसार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कलगीधर पातशाह जी के पवित्र स्थान पर भी माथा टेका और इस धार्मिक स्थल के प्रबंधकों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक होने पहुँचे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ भी देखी, जो पंथ, उसकी ऐतिहासिक संस्थाओं और उनसे प्रेरणा लेने वाले लोगों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाती है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नांदेड़ साहिब न केवल सिखों के लिए बल्कि समूची मानवता के लिए पवित्र स्थल है, क्योंकि दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा इस पवित्र नगरी में व्यतीत किया था।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को महाराष्ट्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएगी, जो श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी—जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए—का 350वां शहीदी दिवस गहरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया।

पिछले वर्ष लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने तीन शहरों, जहाँ सिखों के तख़्त साहिब स्थित हैं, को पवित्र शहर घोषित किया था। उन्होंने कहा कि वाल्ड सिटी अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने संबंधी आधिकारिक अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे विश्व भर की संगतों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज़ पर महाराष्ट्र सरकार को भी नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की घोषणा करनी चाहिए, जिसके लिए पंजाब सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने नांदेड़ साहिब में स्थित पंजाब भवन के पूर्ण कायाकल्प की भी घोषणा की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निर्मित पंजाब भवन को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही नांदेड़ में श्रद्धालुओं के लिए वेरका दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति को और अधिक सुचारु बनाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पवित्र स्थल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

देश के लिए पंजाबियों के योगदान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों ने स्वतंत्रता संग्राम, देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने तथा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में शानदार भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा की बात हो या बलिदान देने की, पंजाबी हमेशा सबसे आगे रहते हैं। यह गर्व की बात है कि किसी भी आपदा के समय पंजाबी अक्सर रेड क्रॉस जैसी संस्थाओं से भी पहले जरूरतमंदों की सेवा के लिए मौके पर पहुँच जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब सरकार का कर्तव्य है कि वह युवा पीढ़ियों के लिए महान गुरु साहिबानों की गौरवशाली विरासत को संजोकर रखे। उन्होंने कहा कि हम महान गुरु साहिबानों के पदचिह्नों पर चल रहे हैं, जिन्होंने मानवता को अत्याचार, दमन और अन्याय के विरुद्ध खड़े होना सिखाया और ‘सरबत दा भला’ का संदेश दिया।

उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रतिबद्धता के तहत पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य युवा पीढ़ियों को गुरु साहिबानों के जीवन, दर्शन और मानवता की रक्षा के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानियों से जोड़ना है।

इस दौरान तख़्त श्री हज़ूर साहिब में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति, विकास और लोगों की खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि तख़्त श्री हज़ूर साहिब सिख धर्म के पाँच सर्वोच्च स्थलों में से एक है, जो समुदाय के लिए आध्यात्मिक, दिव्य और नैतिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सिखों के अन्य चार तख़्त—अमृतसर में श्री अकाल तख़्त साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में तख़्त श्री केशगढ़ साहिब, तलवंडी साबो में तख़्त श्री दमदमा साहिब तथा बिहार में तख़्त श्री पटना साहिब—स्थित हैं।

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की स्थापना, मानवाधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अतुलनीय योगदान दिया तथा इन आदर्शों के लिए अपना पूरा परिवार बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग नांदेड़ साहिब की पवित्र धरती पर व्यतीत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर श्रद्धा और सम्मान अर्पित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें पंजाब के लोगों की और अधिक विनम्रता व समर्पण भाव से सेवा करने की शक्ति प्रदान करें। गुरुद्वारा साहिब में अरदास के उपरांत उन्होंने जाति, रंग, नस्ल और धर्म के किसी भी भेदभाव के बिना लोगों की सेवा करने तथा एक सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed