नशों के खिलाफ तब तक जंग जारी रहेगी जब तक पंजाब इस बुराई से पूरी तरह आज़ाद नहीं हो जाता,: बलतेज पन्नू

0

– नशा विरोधी मुहिम के दूसरे पड़ाव में 9,000 से ज़्यादा पदयात्राएं और एक लाख वॉलंटियर जुटे: पन्नू

– गुप्त ऐप द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध रिपोर्टिंग और सीधी कार्रवाई मुमकिन, हर रिपोर्ट मुख्यमंत्री और डीजीपी तक पहुंचती है: पन्नू

(Rajinder Kumar) चंडीगढ़, 21 जनवरी 2026: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और ‘नशा मुक्ति मोर्चा’ के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि पार्टी की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम पूरे राज्य में एक योजनाबद्ध, लोकपक्ष और संगठित तरीके से चलाई जा रही है।

आप नेताओं अनु बब्बर, लवदीप शर्मा और मनजीत सिंह रायकोट के साथ बुधवार को पार्टी आफिस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावशाली आउटरीच और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए, नशा मुक्ति मोर्चा की टीम को पांच ज़ोनों – माझा, दोआबा और मालवा में बांटा गया है। जिस में मालवा को आगे मालवा पूर्वी, मालवा केंद्रीय और मालवा पश्चिमी में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि यह मोर्चा युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम का एक अहम और सक्रिय रूप में काम करता है।

मुहिम के पहले पड़ाव की जानकारी देते हुए पन्नू ने कहा कि ‘आप’ नशों के विरूद्ध जागरूकता फैलाने के लिए पंजाब के हर गांव और वार्ड में पहुंची है। लोगों से कसम दिलाई गई कि वे न तो नशा तस्करी करेंगे और न ही नशा तस्करों का साथ देंगे, जिसमें उनकी जमानत के लिए गारंटर बनने से मना करना भी शामिल था। उन्होंने कहा कि इस पड़ाव का बहुत साकारात्मक प्रभाव पड़ा है और पंजाब के लोग इस लहर का सक्रिय रूप से समर्थन कर रहे हैं।

पन्नू ने आगे कहा कि हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले तीन सालों में एनडीपीएस केसों में पंजाब का कन्विक्शन रेट लगभग 85 प्रतिशत रहा है, जो अब तक का सबसे ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि इस कामयाबी में लोगों की जागरूकता और सहयोग ने अहम भूमिका निभाई है, जिससे मुहिम का पहला पड़ाव स्पष्ट रूप से सफल रहा।

दूसरे पड़ाव की जानकारी देते हुए पन्नू ने बताया कि निरंतर जागरूकता की कोशिशों के तहत, राज्य में बड़े पैमाने पर पदयात्राएं की जा रही हैं। ब्लॉक स्तर के इंचार्ज नियुक्त किए गए हैं, ब्लॉक और ज़िला स्तर के वॉलंटियर्स के साथ रोज़ कोऑर्डिनेशन कॉल की जाती हैं, हर दिन काम सौंपे जाते हैं और अगले दिन उनका रिव्यू किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह हमारी टीमें व्यवस्थित तरीके से नशों के खिलाफ लड़ रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि दूसरे पड़ाव में, ‘पिंड दे पहरेदार’ नाम से डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं, जिनसे एक लाख से ज़्यादा वॉलंटियर पहले ही जुड़ चुके हैं। ये वॉलंटियर पूरे पंजाब में गांवों, कस्बों और वार्डों में एक्टिव रूप से पदयात्राएं कर रहे हैं।

पन्नू ने सांझा किया कि अब तक पांच ज़ोन में कुल 9,099 पदयात्राएं की जा चुकी हैं। दोआबा में 1,969 पदयात्राएं की गईं – माझा में 1,930, मालवा केंद्रीय में 1,395, मालवा पूर्वी में 2,167 और मालवा पश्चिमी में 1,618 पदयात्राए कीं गईं हैं।

ज़ोन के हिसाब से जानकारी देते हुए, पन्नू ने बताया कि दोआबा में होशियारपुर (661), जालंधर देहात (492), जालंधर शहरी (79), कपूरथला (351) और एस.बी.एस नगर (386) में पदयात्राएं की गईं। माझा में, अमृतसर देहात में 472, अमृतसर शहरी में 45, गुरदासपुर में 771, पठानकोट में 389 और तरनतारन में 253 पदयात्राएं हुईं।

मालवा केंद्रीय में, फरीदकोट में 251, फतेहगढ़ साहिब में 312, लुधियाना देहात-1 में 291, लुधियाना देहात-2 में 242, लुधियाना शहरी में 59 और मोगा में 240। मालवा पूर्वी में, मलेरकोटला में 178, पटियाला देहात में 466, पटियाला शहरी में 412, रूपनगर में 394, संगरूर में 459 और एस.ए.एस नगर में 278 पदयात्राएं की गईं। मालवा पश्चिम में, बरनाला में 209, बठिंडा में 191, फाजिल्का में 433, फिरोजपुर में 587, मानसा में 190 और श्री मुक्तसर साहिब में 8 पदयात्राएं हुईं।

पन्नू ने कहा कि पंजाब में ऐसा कोई ज़ोन या ज़िला नहीं है जहाँ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ का दूसरा पड़ाव सक्रिय न हो। उन्होंने दावा किया कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हम पंजाब से नशों को जड़ से पूरी तरह उखाड़ नहीं देते ।

उन्होंने कहा कि पंचायतों, नगर निगमों, नगर परिषदों और परिवारों समेत सभी वर्गों के लोग इस मुहिम में सक्रिय भागीदार के तौर पर आगे आ रहे हैं। पन्नू ने पंजाबियों से अपील की कि वे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ और ‘नशा मुक्ति मोर्चा’ के वॉलंटियर्स का साथ दें क्योंकि वे सिर्फ़ समाज की मदद के लिए काम कर रहे हैं।

पन्नू ने यह भी बताया कि एक समर्पित मोबाइल ऐप अब पूरी तरह से काम कर रही है। इस ऐप का इस्तेमाल सिर्फ़ नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्य ही नशा तस्करों के बारे में जानकारी देने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी सीधे डीजीपी और मुख्यमंत्री के पास जाती है, जिसके बाद इसे वेरिफ़ाई किया जाता है और सख़्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जानकारी सांझा करने वाले व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *