पंजाब सरकार की ओर से शहीदी सभा के अवसर पर संगत के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, आवागमन, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम – मुख्यमंत्री

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– लगभग 50 लाख संगत छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी को श्रद्धा एवं सम्मान भेंट करेगी

– निर्विघ्न आवागमन सुनिश्चित करने के लिए गूगल कंपनी की सेवाएं ली जाएंगी, फतेहगढ़ साहिब आने वाले रास्तों पर ट्रैफिक की पुख्ता जानकारी मिलेगी

– विशाल रक्तदान शिविर लगाया जाएगा, अनधिकृत रूप से रक्तदान शिविर लगाने वालों को सख्त चेतावनी

– सुरक्षा व्यवस्था और समाज विरोधी तत्वों पर नजर रखने के लिए 3200 से अधिक पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे

– संगत के लिए प्रबंधों हेतु शिरोमणि कमेटी को पूरा सहयोग करेगी पंजाब सरकार

(Rajinder Kumar) चंडीगढ़, 16 दिसंबर,2025: फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती पर शहीदी सभा के अवसर पर छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की महान कुर्बानी को नमन करने के लिए दुनिया भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए किए गए प्रबंधों की विस्तार से जानकारी देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज बताया कि संगत के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, आवागमन, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य इंतजाम व्यापक स्तर पर किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई कठिनाई न आए।

आज यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि संगत की बड़ी आमद को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 20 आम आदमी क्लीनिक और 5 डिस्पेंसरी स्थापित की जा रही हैं जहां विशेषज्ञ डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों और डिस्पेंसरियों के लिए दवाइयां तथा अन्य सामान की व्यवस्था कर ली गई है।

दशमेश पिता साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की महान कुर्बानी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों द्वारा अंतर्मन की आवाज के अनुसार धर्म अपनाने के मानवीय अधिकार की रक्षा के लिए दी गई अनुपम कुर्बानी मानव इतिहास में अनूठी घटना है। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास में इस कुर्बानी को ‘छोटी जिंदगियों’ के ‘बड़े साके’ के नाम से याद किया जाता है। इस साके को हुए भले ही तीन शताब्दियों से अधिक समय बीत गया हो, लेकिन समूचे सिख जगत द्वारा इसकी पीड़ा आज भी बड़ी तीव्रता से महसूस की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शहर में संगत के आने-जाने के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देने हेतु ‘इंटर सिटी शटल बस सेवा’ शुरू की जाएगी और शहीदी सभा के दौरान 200 शटल बसें तथा 100 ई-रिक्शा संगत के लिए तैनात होंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये बसें और ई-रिक्शा बाहर से आने वाली संगतों को पार्किंग स्थलों से गुरुद्वारा साहिब और अन्य स्थानों तक ले जाएंगे। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए इस बार गूगल कंपनी की सेवाएं भी प्राप्त की जा रही हैं जो फतेहगढ़ साहिब आने वाली सड़कों पर ट्रैफिक की स्थिति के बारे में सटीक जानकारी देगी ताकि किसी सड़क पर अधिक ट्रैफिक होने की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक प्रबंध किए जा सकें। उन्होंने बताया कि वाहनों के ठहराव के लिए पांच बड़ी पार्किंग और 16 छोटी पार्किंग बनाई गई हैं।

शहीदी सभा के अवसर पर लोगों की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 3300 से अधिक पुलिस जवान संगतों की सहायता के लिए ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है जहां संगत की सुविधा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 0176-3232838 भी जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर की प्रमुख जगहों पर 300 सी.सी.टी.वी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि समाज विरोधी तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूरे शहर पर ड्रोन गिद्ध की तरह नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि मोबाइल सेवाओं को सुचारू रखने के लिए मोबाइल कंपनियों द्वारा अस्थायी तौर पर टावर स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 60 एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड गाड़ियां तैनात होंगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की सफाई का काम सबसे महत्वपूर्ण होता है जिसके लिए विभिन्न जिलों से मशीनरी मंगवाकर सफाई करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सफाई के लिए वॉलंटियरों की टीमें तैनात होंगी जो शिफ्टों में दिन-रात ड्यूटी निभाएंगी ताकि शहर की पवित्रता बनाए रखी जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा शहीदी सभा के दौरान फतेहगढ़ साहिब की पवित्र धरती पर विशाल रक्तदान शिविर लगाया जाएगा ताकि मानवता की सेवा में योगदान दिया जा सके। साथ ही उन्होंने अनधिकृत रूप से रक्तदान शिविर लगाने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पिछले साल भले ही कुछ मामले सामने आए थे लेकिन इस बार किसी को भी ऐसा शिविर नहीं लगाने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी सभा के अवसर पर संगत के लिए इंतजाम करना सरकार का सबसे बड़ा फर्ज है और इस नेक कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से संगत की सुविधा के लिए किसी भी प्रकार की मांग की जाती है तो सरकार शिरोमणि कमेटी को पूरा सहयोग देगी।

अमृतसर शहर के आंतरिक हिस्से (वॉल्ड सिटी), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहरों का दर्जा देने के लिए जारी हुए नोटिफिकेशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे दुनिया भर में बसने वाले सिखों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब के तीनों तख्त साहिबान वाले इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा देने की घोषणा की गई थी।

दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर समस्या के लिए भाजपा सरकार की नाकामी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार हुआ है कि प्रदूषण का दोष हर साल पंजाब पर मढ़ दिया जाता था लेकिन इस समय पंजाब का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 70 से 110 है जबकि दिल्ली का एक्यूआई 500 है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में बड़े स्तर पर कमी आई है और इस तथ्य को केंद्र सरकार ने संसद में भी स्वीकार किया है।

मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘विकसित भारत-जी राम जी’ रखने के ऐलान पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का बस चले तो भारत का नाम बदलकर ‘दीन दयाल उपाध्याय नगर’ रख दें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों ने कई रेलवे स्टेशनों और शहरों के नाम बदल दिए हैं। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से उस शहर की व्यवस्था नहीं बदल जाती बल्कि व्यवस्था बदलने के लिए सरकार को लोगों की भलाई के लिए फैसले लेने होते हैं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और विशेष डी.जी.पी. कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला उपस्थित थे।

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