मुख्यमंत्री ने युवक मेलों के माध्यम से नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की वकालत की

0

– राज्य सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

– बरनाला को बताया “पंजाब की साहित्यिक राजधानी”

(Rajinder Kumar) बरनाला, 11 अक्तूबर 2025: पंजाब के मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि नौजवानों की अपार ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाना समय की आवश्यकता है, ताकि वे देश और राज्य की सामाजिक-आर्थिक तरक्की में समान भागीदार बन सकें।

बरनाला के एस.डी. कॉलेज में आयोजित क्षेत्रीय युवक मेले में भागीदारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे शहीद भगत सिंह और देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले अन्य क्रांतिकारी नायकों से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि इन युवा नायकों के आदर्श और बलिदान आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं, जो उन्हें देश की निस्वार्थ सेवा के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार युवाओं के कल्याण के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ एक ओर युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे हवाई अड्डों के रनवे विमान को सुचारू रूप से उड़ान भरने में मदद करते हैं, वैसे ही पंजाब सरकार युवाओं को उनके सपनों को साकार करने के लिए मजबूत मंच प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि युवाओं के सपनों को पंख देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और इस नेक कार्य में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें और ऊँचाइयों को छूने का लक्ष्य रखें। स मान ने यह भी कहा कि युवाओं को अपनी सफलता पर गर्व अवश्य होना चाहिए, परंतु अहंकार से दूर रहकर और अधिक परिश्रम करने का संकल्प रखना चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच व्यक्ति के गुण होने चाहिए, पर इनमें अहंकार या घमंड का स्थान नहीं होना चाहिए।

अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवक मेले युवाओं के व्यक्तित्व विकास के उत्कृष्ट मंच होते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों ने उन्हें एक कलाकार के रूप में निखारा और आगे चलकर राजनीतिक जीवन में ऊँचाइयाँ प्राप्त करने में सहायता दी। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे इन मंचों का उपयोग अपने सर्वांगीण विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए करें।

मुख्यमंत्री ने साझा किया कि उन्होंने अपने कॉलेज के समय में विभिन्न युवक मेलों में भाग लेकर कई ट्रॉफियाँ जीतीं। उन्होंने कहा कि “जीतना मेरा जुनून था”, और हमेशा उनके भीतर जीतने की सकारात्मक सोच बनी रही। श्री मान ने युवाओं से अपील की कि वे जमीन से जुड़े रहें और मेहनत पर भरोसा रखें, क्योंकि यही सफलता की एकमात्र कुंजी है।

बरनाला की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जिला भौगोलिक रूप से भले ही छोटा है, परंतु इसका योगदान पंजाब की सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान में अत्यंत बड़ा है। उन्होंने कहा कि संत राम उदासी, राम सरूप अंखी, ओम प्रकाश गासो, बलवंत गार्गी, तथा परजा मंडल आंदोलन के संस्थापक सेवा सिंह ठीकरीवाला, मेघ राज मित्र और अन्य अनेक प्रसिद्ध साहित्यकार इसी जिले से संबंध रखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हीं महान हस्तियों के कारण बरनाला को लंबे समय से “पंजाब की साहित्यिक राजधानी” के रूप में जाना जाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एस.डी. कॉलेज के योगदान की भी सराहना की, जिसने अनेक ऐसे विद्यार्थियों को निखारा जिन्होंने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह कॉलेज भविष्य में भी इसी समर्पण और उत्साह के साथ समाज सेवा का कार्य करता रहेगा।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *