‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का रजिस्ट्रेशन 23 सितंबर से होगी शुरू – मुख्यमंत्री

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– भगवंत सिंह मान द्वारा तरन तारन और बरनाला जिलों से रजिस्ट्रेशन शुरू करने की घोषणा

– मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना की पहल करने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब

(Rajinder Kumar) चंडीगढ़, 22 सितंबर 2025: राज्य के नागरिकों को बड़ी सौगात देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत रजिस्ट्रेशन शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को 10 लाख रुपये तक का नगद रहित इलाज उपलब्ध करवाना है।

आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जन-हितैषी स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन मंगलवार (23 सितंबर) से बरनाला और तरन तारन जिलों से होगा, जिससे लोगों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी और इसे 10-12 दिनों के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। इसके अंतर्गत तरन तारन जिले में 128 स्थानों और बरनाला जिले में भी 128 स्थानों पर कैंप लगाए जाएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपनी तरह की पहली इस ऐतिहासिक स्कीम की शुरुआत लोगों की भलाई के लिए की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों जिलों के सभी नागरिक मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं और इन कैंपों के दौरान रजिस्ट्रेशन के लिए किसी को अधिक दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कैंप लगाने से पहले पूरे इलाके में मुनादी करवाकर या अन्य साधनों से लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि हर व्यक्ति को कैंप के बारे में पता लग सके। भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को अपना आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो कैंप में लानी होगी और अन्य किसी दस्तावेज़ की ज़रूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 से 12 दिनों के भीतर इन जिलों में सभी के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फीडबैक के आधार पर यदि इस प्रक्रिया में किसी सुधार की आवश्यकता होगी तो उन्हें विधिवत शामिल किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके बाद योजना के लिए रजिस्ट्रेशन पूरे पंजाब में शुरू होगा और एक बार यह प्रक्रिया पूरे राज्य में पूरी होने पर इसे आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पंजाबी ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड’ का उपयोग कर 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमे का लाभ उठा सकेगा, जिससे मुफ्त और नगद रहित इलाज प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी, आशा वर्कर और आंगनवाड़ी वर्कर को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर परिवार को 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा, परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी, हर नागरिक को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड मिलेगा और नगद रहित इलाज सुनिश्चित करने के लिए इलाज सभी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत 2,000 से अधिक स्वास्थ्य प्रक्रियाएं और सर्जरी शामिल की जाएंगी और पंजाब देश का पहला राज्य है जो 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब की यह ऐतिहासिक पहल राज्य के सभी निवासियों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरे देश में मिसाल कायम करेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली की तरह यह सुविधा भी राज्य के सभी निवासियों को उपलब्ध होगी और लोगों से अच्छे स्वास्थ्य देखभाल का किया गया वादा आज पूरा हो रहा है।

एक और मुद्दे पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पिछले तीन वर्षों में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और इन क्लीनिकों की संख्या शीघ्र ही 1,000 को पार कर जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता 30 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 100 प्रतिशत हो गई है और बुनियादी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या 34 लाख से बढ़कर 1.08 करोड़ हो गई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब देश का पहला राज्य होगा जो 10 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के बुरी तरह असफल होने के बाद यह हर बार बोलों पर खरा न उतरने की आदत डाल चुकी है। एक मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि जी.एस.टी. को बड़े जोर-शोर से लाया गया था लेकिन अब उसी तेजी से वापस क्यों लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय जी.एस.टी. इतना अच्छा था तो अब इसे वापस क्यों लिया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जी.एस.टी. पर कोई भी कार्रवाई करने से पहले केंद्र को राज्यों का बकाया हिस्सा, जो उनके पास लंबित था, लौटाना चाहिए।

भाजपा नेताओं को बाढ़ के मुद्दे पर राजनीति करने से बचने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ को कोई भी बयान जारी करने से पहले अपना होमवर्क करने की चुनौती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता द्वारा नकारे गए नेता अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए उनके खिलाफ ज़हर उगलते हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं द्वारा हाईकमान के इशारों पर ही ये बयान जारी किए गए हैं। हालांकि, भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं को संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी बयान जारी करने से पहले अपने तथ्यों की जांच करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संगरूर में एक मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार कुछ और भूमि की पहचान करेगी। कॉलेज के निर्माण के लिए जमीन देने से इनकार करने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी केवल बादल परिवार के हाथों की कठपुतली है और इसके सभी फैसले वही करते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि बादल परिवार कॉलेज बनाना चाहता तो शिरोमणि कमेटी जरूर जमीन देती।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य में किसी भी राशन कार्ड को नहीं काटा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ों के मद्देनज़र इन कार्डों की पुष्टि करने के लिए केंद्र सरकार से छह महीनों का समय मांगा है। उन्होंने राशन कार्ड काटने के लिए उपयोग किए जा रहे तर्क की आलोचना की, जिसमें चार पहिया वाहनों की मालिकाना हक, सरकारी नौकरियां, छोटी जमीनें और आय शामिल हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब इन मानदंडों को केवल एक ही सदस्य पूरा कर सकता है तो पूरे परिवार को सज़ा देना बेतुकी बात है।

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