चौधर चमकाने के लिए पंजाब वासियों को गुमराह न करो-मुख्यमंत्री ने अकाली दल और किसान यूनियनों को चेतावनी दी

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– तथाकथित किसान यूनियनों ने किसानों के हितों की रक्षा करने की आड़ में दुकानें खोल रखी हैं

– बादल-मजीठिया कुनबे में सब कुछ ठीक नहीं, अकाली दल ने अपने निजी हितों के लिए शिरोमणि कमेटी और श्री अकाल तख्त साहिब का इस्तेमाल किया

(Rajinder Kumar) बठिंडा, 29 मई 2025: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अकाली नेताओं और किसान यूनियनों द्वारा अपने संकीर्ण हितों को साधने के लिए अफवाहें फैलाकर पंजाब वासियों को गुमराह करने की कड़ी आलोचना की।

किसान यूनियनों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और यूनियनों का अस्तित्व अलग-अलग है क्योंकि यूनियनों के नेताओं ने किसानों के हित बचाने के नाम पर अपनी दुकानें खोल रखी हैं। उन्होंने कहा कि किसान यूनियन के नेता अवैध रूप से धन इकट्ठा करके बड़ी संपत्ति के मालिक बन गए हैं और यहां तक कि इनकी राज्य के कई होटलों और अस्पतालों में भी हिस्सेदारी है। भगवंत सिंह मान ने किसान यूनियनों को कृषि संकट से जुड़े मुद्दों पर उनसे लाइव बहस करने की चुनौती दी।

मुख्यमंत्री ने बीबीएमबी और हरियाणा के साथ पानी के मुद्दे पर किसान यूनियनों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनके किसी भी नेता ने एक बयान तक भी जारी नहीं किया। उन्होंने कहा कि किसान यूनियनें बेतुके मुद्दों पर सड़कों और रेलों को रोककर सिर्फ अपनी दुकानें चला रही हैं जबकि पंजाब के गंभीर मुद्दों के प्रति चुप्पी साध लेती हैं। भगवंत सिंह मान ने चुटकी लेते हुए कहा कि इन नेताओं को किसानों से कोई सरोकार नहीं बल्कि वे सिर्फ अपने हित पूरे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान यूनियनें संघर्ष करने की आड़ में किसानों से फीस वसूलती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बादल-मजीठिया परिवार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा क्योंकि सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया की आपस में बोलचाल भी बंद है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि दोनों द्वारा अपनी हुकूमत के दौरान लूटे गए पैसे से बनाई गई संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है और अब परिवारों में अनबन पैदा हो गई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके द्वारा आज इसका खुलासा करने के बाद भले ही दोनों परिवार एक साथ हो जाएं लेकिन सच यह है कि इन नेताओं ने अपने फायदे के लिए पंजाब के हितों को ठेस पहुंचाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता अपने राजनीतिक स्वार्थ की खातिर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और श्री अकाल तख्त साहिब का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल संकीर्ण हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग करते हैं। एक मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मों को अपने राजनीतिक हितों के अनुसार और लोगों को मूर्ख बनाने के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा को अकाली दल में दोबारा शामिल किया जाएगा और यहां तक कि फखर-ए-कौम का खिताब भी फिर से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नाम कर दिया जाएगा।

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