मंत्रिमंडल ने पंजाब की भलाई, सुरक्षा और विकास को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए

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(Rajinder Kumar) चंडीगढ़, 9 मई 2025: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने आज राज्य के लोगों की भलाई, सुरक्षा और इसके विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। ये फैसले आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए।

इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य की 13 उच्च-सुरक्षा जेलों में वी-कवच जैमर खरीदने और स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। बेहतर सुरक्षा के उद्देश्य से जेलों में ये 5जी विशेषता वाले अत्याधुनिक जैमर लगाए जाएंगे। जैमर का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है और धीरे-धीरे राज्य की सभी जेलों को इस सुविधा से लैस किया जाएगा।

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने फरीदकोट में आवास निर्माण विभाग की 135 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दे दी है। यह जमीन वास्तव में सहकारी चीनी मिल की थी और ओ.यू.वी.जी.एल. योजना के तहत आवास निर्माण विभाग को हस्तांतरित की गई थी। इसलिए औद्योगिक उपयोग के लिए जमीन की बड़ी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह जमीन अब उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी, जिससे यहां औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए मार्ग प्रशस्त होगा।

एन.आर.आई. समुदाय को राज्य के विकास में समान भागीदार बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने ‘रंगला पंजाब फंड’ बनाने पर भी मुहर लगा दी है, जिसमें प्रवासी भारतीय या कोई भी व्यक्ति राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए खुले दिल से योगदान दे सकता है। इस फंड का प्रबंधन वित्त विभाग द्वारा किया जाएगा और इसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में विकास को तेज करने के लिए किया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रवासी भारतीय या अन्य नागरिक जो राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं, इस फंड में योगदान दे सकते हैं।

राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक और बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने राज्य में बैलगाड़ियों की दौड़ शुरू करने के लिए अध्यादेश लाने पर भी सहमति दे दी। इस अध्यादेश का उद्देश्य पंजाबी संस्कृति का अभिन्न अंग इन खेलों के माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाना है। बैलगाड़ियों की दौड़ के दौरान बैलों पर कोई अत्याचार न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए इस अध्यादेश में विशेष धारा जोड़ी जाएगी।

भूजल बचाने के लिए फसल विविधीकरण पर जोर देने के लिए कैबिनेट ने राज्य के तीन क्षेत्रों में पायलट परियोजना के तौर पर खरीफ की मक्का की खेती करवाने के लिए सहमति दे दी। यह परियोजना गुरदासपुर-पठानकोट, बठिंडा, जालंधर-कपूरथला के 12 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में शुरू की जाएगी। राज्य सरकार किसानों को लाभ देने के लिए इस फसल की मार्केटिंग सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध करेगी।

खनन क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशने के लिए कैबिनेट ने आई.आई.टी. रोपड़ में खनन के लिए अत्याधुनिक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए हरी झंडी दे दी है। यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खनन के तहत आने वाले क्षेत्र का मूल्यांकन करेगा। यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के माध्यम से राज्य में हो रही गैर-कानूनी खनन को रोकने के तरीके सुझाने में मददगार होगा।

कैबिनेट ने राज्य में उन 2053 कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाने के लिए सहमति दे दी है, जिनकी जॉइनिंग प्रक्रिया पहली जनवरी, 2004 से पहले शुरू हो गई थी।

कैबिनेट ने वन विभाग के तकरीबन 900 कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की भी मंजूरी दे दी।

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