शहीदी जोड़ मेल के दूसरे दिन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहब में नतमस्तक हुए मुख्यमंत्री; छोटे साहिबज़ादों और माता गुजरी जी की शहादत को की श्रद्धांजलि भेंट

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–   फतेहगढ़ साहिब की पवित्र धरती न केवल सिख भाईचारे, बल्कि समूची मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत  :   भगवंत मान

फतेहगढ़ साहिब,  27  दिसंबर   2022  :  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को शहीदी जोड़ मेल के दूसरे दिन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक हुए और छोटे साहिबज़ादों और माता गुजरी जी की शहादत को श्रद्धांजलि भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़ालिम मुग़ल शासन के खि़लाफ़ लड़ते हुए छोटे साहिबज़ादे बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने इस स्थान पर माता गुजरी जी समेत शहादत दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र स्थान न केवल सिख भाईचारे के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। भगवंत मान ने कहा कि इस महीने को समूचे पंजाब में ‘शोक के महीने’ के तौर पर मनाया जाता है, क्योंकि इन दिनों के दौरान छोटे साहिबज़ादों को जि़ंदा दीवारों में चिनवाया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दसमेश पिता श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के छोटे साहिबज़ादे बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने छोटी उम्र में शहादत दी। उन्होंने कहा कि छोटे साहिबज़ादों और माता गुजरी जी के इस अद्वितीय बलिदान को सजदा करने के लिए समाज के हरेक वर्ग के लोग इन दिनों फतेहगढ़ साहिब जाते हैं। भगवंत मान ने कहा कि छोटे साहिबज़ादों द्वारा इतनी छोटी उम्र में दिए गए बलिदान की दुनिया के इतिहास में कहीं कोई अन्य मिसाल नहीं मिलती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह एवं माता गुजरी जी द्वारा इस स्थान पर दी गई शहादत सदियों से पंजाबियों को ज़ुल्म और बेइन्साफ़ी के विरुद्ध लडऩे के लिए प्रेरित करती रही है। उन्होंने कहा कि छोटे साहिबज़ादों ने सरहिन्द के सूबे के खि़लाफ़ बेमिसाल साहस और निडरता की महान परम्परा का सबूत दिया। भगवंत मान ने कहा कि युवा पीढिय़ों को इस बेमिसाल बलिदान के बारे में जानना और इससे देश की सेवा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।

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