अपराध से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पंजाब पुलिस को आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस किया जा रहा है: मुख्यमंत्री

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– प्रदेश भर के थानों के लिए 139 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी

– पंजाब से नशे के खतरे को खत्म करने की ली शपथ

– बी.एस.एफ. रिपोर्ट के अनुसार सीमा पार से नशे की तस्करी में आई कमी

(Rajinder Kumar) फिल्लौर (जालंधर), 3 अप्रैल 2025: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य सरकार पंजाब पुलिस को बेहतर बुनियादी ढांचागत सुविधाओं से लैस कर रही है और इसे वैज्ञानिक आधार पर आधुनिक बना रही है ताकि यह बल कानून व्यवस्था की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम हो सके।

प्रदेश भर के थानों के लिए 139 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के साथ राज्य के सभी 454 थानों के एस.एच.ओज. को नए वाहन मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि यह पिछले रुझानों के विपरीत है, जब नए वाहन जमीनी स्तर के अधिकारियों के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाते थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि एस.एच.ओज पंजाब पुलिस का असली चेहरा होते हैं क्योंकि वे सीधे लोगों से जुड़े होते हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के नाते कई विरोधी ताकतें राज्य की शांति भंग करने के लिए नापाक मंसूबे बना रही हैं, लेकिन पंजाब पुलिस ने हमेशा ऐसी कोशिशों को नाकाम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए यह जरूरी है कि पुलिस बल को जांच, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उन्नत जरूरतों के अनुसार अपडेट किया जाए। भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि पंजाब पुलिस पूरी पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करने की शानदार विरासत को कायम रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 प्रतिशत नशीले पदार्थ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए तस्करी करके लाए जाते हैं और बाद में राज्य में उनकी आपूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ड्रोन की आवाजाही रोकने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक शुरू करके बी.एस.एफ. के साथ हाथ मिलाया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार के ठोस प्रयासों के कारण नशे की तस्करी में भारी कमी आई है, क्योंकि बी.एस.एफ. की एक रिपोर्ट बताती है कि पंजाब में सख्ती के कारण सीमा पार से तस्करी में कमी आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही पंजाब पुलिस में हर साल 1800 कांस्टेबल और 300 सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती करने का फैसला किया है ताकि पुलिस कर्मियों की कमी को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन 2100 पदों के लिए हर साल लगभग 2.50 लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं, इसलिए सभी इच्छुक उम्मीदवार परीक्षा पास करने के लिए शैक्षणिक क्षेत्र के साथ-साथ अपने शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह उनकी असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने और नशे के खतरे से छुटकारा पाने में मदद कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है ताकि इस बुराई की रीढ़ तोड़ी जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ दिया है और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़े माफियाओं को सलाखों के पीछे डाला गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली बार राज्य सरकार द्वारा अवैध तरीकों से हासिल की गई नशा तस्करों की संपत्ति को ध्वस्त/जब्त किया जा रहा है ताकि कोई और नशा तस्करी में शामिल होने की न सोचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने सत्ता में आने के 36 महीनों में युवाओं को करीब 55,000 नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बहुत गर्व की बात है कि सभी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद के पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं। भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि ये युवा संबंधित विभागों में शामिल होकर राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति बिल्कुल भी नरमी न बरतने की नीति अपनाई है और किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर भ्रष्ट अधिकारी को पकड़ा जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके घरों में नागरिक सेवाएं प्रदान करके प्रशासन में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही लाने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एक अनूठी योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य सरकार के वरिष्ठ आई.ए.एस. और आई.पी.एस. अधिकारी राज्य भर के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे और उन्हें जीवन में सफल होने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि सभी आई.ए.एस. और आई.पी.एस. अधिकारी राज्य के एक-एक सरकारी स्कूल के छात्रों के मार्गदर्शक बनेंगे, जिससे वे छात्रों और शिक्षकों के साथ बातचीत के जरिए शिक्षा के माहौल को और अनुकूल बनाएंगे।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कदम का मकसद छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करके उनकी जिंदगियाँ बदलना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से छात्रों के सपनों को पंख लगेंगे, जिससे वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ेंगे। इससे पहले डी.जी.पी. गौरव यादव ने मुख्यमंत्री और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों का स्वागत किया।

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